णमोकार महामंत्र चालीसा

 दोहा

वंदूँ श्रीअरिहंत पद, सिद्ध नाम सुखकार। 
सूरी पाठक साधुगण, हैं जग के आधार ।।१।। 
इन पाँचों परमेष्ठि से, सहित मूल यह मंत्र। 
अपराजित व अनादि है, णमोकार शुभ मंत्र ।।२।।
णमोकार महामंत्र को, नमन करूँ शतबार। 
चालीसा पढ़कर लहूँ, स्वात्मधाम साकार ।।३।।

चौपाई
हो जैवन्त अनादिमंत्रम्, णमोकार अपराजित मंत्रम् ।।१।।
पंच पदों से युक्त सुयंत्रम्, सर्वमनोरथ सिद्धि सुतंत्रम् ।।२।।
पैंतिस अक्षर माने इसमें, अट्ठावन मात्राएँ भी हैं ।।३।।
अतिशयकारी मंत्र जगत में, सब मंगल में कहा प्रथम है ।।४।।
जिसने इसका ध्यान लगाया, मनमन्दिर में इसे बिठाया ।।५।।
उसका बेड़ा पार हो गया, भवदधि से उद्धार हो गया ।।६।।
अंजन बना निरन्जन क्षण में, शूली बदली सिंहासन में ।।७।।
नाग बना फूलों की माला, हो गई शीतल अग्नी ज्वाला ।।८।।
जीवन्धर से इसी मंत्र को, सुना श्वान ने मरणासन्न हो ।।९।।
शांतभाव से काया तजकर, पाया पद यक्षेन्द्र हुआ तब ।।१०।।
एक बैल ने मंत्र सुना था, राजघराने में जन्मा था |।११।।
जातिस्मरण हुआ जब उसको, उसने खोजा उपकारी को ।।१२।।
पद्मरुची को गले लगाया, आगे मैत्री भाव निभाया ।।१३।।
कालान्तर में वही पद्मरुचि, राम बने तब बहुत धर्मरुचि ।।१४।।
बैल बना सुग्रीव बन्धुवर! दोनों के सम्बन्ध मित्रवर ।।१५।।
रामायण की सत्य कथा है, णमोकार से मिटी व्यथा है ।।१६।।
ऐसी ही कितनी घटनाएँ, नए पुराने ग्रन्थ बताएँ ।।१७।।
इसीलिए इस मंत्र की महिमा, कही सभी ने इसकी गरिमा ।।१८।।
हो अपवित्र पवित्र दशा में, सदा करें संस्मरण हृदय में ।।१९।।
जपें शुद्धतन से जो माला, वे पाते हैं सौख्य निराला ।।२०।।
अन्तर्मन पावन होता है, बाहर का अघमल धोता है ।।२१।।
णमोकार के पैंतिस व्रत हैं, श्रावक करते श्रद्धायुत हैं ।।२२।।
हर घर के दरवाजे पर तुम, महामंत्र को लिखो जैनगण ।।२३।।
जैनी संस्कृति दर्शाएगा, सुख समृद्धि भी दिलवाएगा ।।२४।।
एक तराजू के पलड़े पर, सारे गुण भी रख देने पर ।।२५।।
दूजा पलड़ा मंत्र सहित जो, उठा न पाए कोई उसको ।।२६।।
उठते चलते सभी क्षणों में, जंगल पर्वत या महलों में ।।२७।।
महामंत्र को कभी न छोड़ो, सदा इसी से नाता जोड़ो ।।२८।।
देखो! इक सुभौम चक्री था, उसने मन में इसे जपा था ।।२९।।
देव मार नहिं पाया उसको, तब छल युक्ति बताई नृप को ।।३०।।
उसके चंगुल में फस करके, लिखा मंत्र राजा ने जल में ।।३१।।
ज्यों ही उस पर कदम रख दिया, देव की शक्ती प्रगट कर दिया ।।३२।।
देव ने उसको मार गिराया, नरक धरा को नृप ने पाया ।।३३।।
मंत्र का यह अपमान कथानक, सचमुच ही है हृदय विदारक ।।३४।।
भावों से भी न अविनय करना, सदा मंत्र पर श्रद्धा करना ।।३५।।
इसके लेखन में भी फल है, हाथ नेत्र हो जाएं सफल है ।।३६।।
णमोकार की बैंक खुली है, ज्ञानमती प्रेरणा मिली है ।।३७।।
जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर में, मंत्रों का व्यापक संग्रह है ।।३८।।
इसकी किरण प्रभा से जग में, फैले सुख शांती जन-जन में ।।३९।।
मन-वच-तन से इसे नमन है, महामंत्र का करूं स्मरण मैं ।।४०।।
शंभु छंद
यह महामंत्र का चालीसा, जो चालिस दिन तक पढ़ते हैं। 
ॐ अथवा असिआउसा मंत्र, या पूर्ण मंत्र जो जपते हैं।।
ॐकार मयी दिव्यध्वनि के, वे इक दिन स्वामी बनते हैं। 
परमेष्ठी पद को पाकर वे, खुद णमोकारमय बनते हैं ।।१।।
पच्चिस सौ बाइस वीर अब्द, आश्विन शुक्ला एकम तिथि में। 
रच दिया ज्ञानमति गणिनी की, शिष्या ‘‘चन्दनामती’’ मैंने।।
मैं भी परमेष्ठी पद पाऊँ, प्रभु कब ऐसा दिन आएगा। 
जब मेरा मन अन्तर्मन में, रमकर पावन बन जाएगा ।।२।|

Narendra Modi Chalisa | Hindi

Namo Chalisa in Hindi

लो भाई मोदी चालीसा भी आ गया!!!!!!


जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |

जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||


राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |

दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||


तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |

कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||


माया, मुलायम थर थर काँपैं |

काँग्रेस को चिंता व्यापै ||


नासहि सपा मिटैं बसपाई |

खिलै कमल फूलैं भजपाई ||


साधु संत के तुम रखबारे |

असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||


संत रसायन तुम्हरे पासा |

सदा रहहु भारत के दासा ||


भारत विश्वगुरु बन जावै |

जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||


चीन पाक दोउ निकट न आवै |

जब मोदी को नाम सुनावै ||


नासहिं दुष्ट और अपराधा |

भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||


करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |

बनहि राम को सुंदर मंदिर ||


असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |

राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||


मोदी मंत्र एक सम जाना |

करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||


भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |

होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||


जय मोदी ||

Shri Jhulelal Chalisa | श्री झूलेलाल चालीसा | Hindi | English

Shri Jhulelal Chalisa English Lyrics 

॥ Doha ॥

Jai Jai Jal Devta,

Jai Jyoti Swaroop ।

Amar Udero Laal Jai,

Jhulelal Anoop ॥


॥ Chaupai ॥

Ratanlal Ratnani Nandan ।

Jayati Devki Sut Jag Vandan ॥


Dariyashah Varun Avtari ।

Jai Jai Laal Sain Sukhkari ॥


Jai Jai Hoy Dharm Ki Bhira ।

Jinda Peer Hare Jan Peera ॥


Sanwat Das Sau Saat Manjhra ।

Chaitra Shukla Dwitiya Bhagu Vaara ॥ 4 ॥


Graam Nasarpur Sindh Pradesha ।

Prabhu Avtare Hare Jan Kalesha ॥


Sindhu Veer Thattha Rajdhani ।

Mirkhashah Naoop Ati Abhimani ॥


Kapati Kutil Kroor Koovichari ।

Yavan Malin Man Atyachari ॥


Dharmantaran Kare Sab Kera ।

Dukhi Huye Jan Kasht Ghanera ॥ 8 ॥


Pitavaya Haakim Dhindhora ।

Ho Islam Dharm Chahunora ॥


Sindhi Praja Bahut Ghabrai ।

Isht Dev Ko Ter Lagai ॥


Varun Dev Pooje Bahumbhati ।

Bin Jal Ann Gaye Din Raati ॥


Sindhi Teer Sab Din Chalisa ।

Ghar Ghar Dhyaan Lagaaye Isha ॥ 12 ॥


Garaj Utha Nad Sindhu Sahasa ।

Chaaro Aur Utha Nav Harasha ॥


Varundev Ne Suni Pukaara ।

Prakate Varun Meen Asvaara ॥


Divya Purush Jal Brahma Swarupa ।

Kar Pushtak Navaroop Anoopa ॥


Harshit Huye Sakal Nar Naari ।

Varundev Ki Mahima Nyaari ॥ 16 ॥


Jai Jai Kaar Uthi Chaahunora ।

Gai Raat Aane Ko Bhaunra ॥


mirakhashah Naoop Atyachari ।

nasht Karoonga Shakti Saari ॥


Door Adharm, Haran Bhoo Bhaara ।

Shighr Nasarapur Mein Avtaara ॥


Ratanraay Ratanaani Aangan ।

Kheloonga, Aaoonga Shishu Ban ॥ 20 ॥


Ratanaraay Ghar Khushi Aai ।

Jhulelal Avtaare Sab Dey Badhai ॥


Ghar Ghar Mangal Git Suhaye ।

Jhulelaal Haran Duhkh Aaye ॥


Mirakhashaah Tak Charcha Aai ।

Bheja Mantri Krodh Adhikai ॥


Mantri Ne Jab Baal Nihaara ।

Dhiraj Gaya Hriday Ka Saara ॥ 24 ॥


Dekhi Mantri Sain Ki Lila ।

Adhik Vichitr Vimohan Shila ॥


Balak Dhikha Yuva Senani ।

Dekha Mantri Buddhi Chakraani ॥


Yoddha Roop Dikhe Bhagvaana .

Mantri Hua Vigat Abhimaana ॥


Jhulelaal Diya Aadesha ।

Ja Tav Naoopati Kaho Sandesha ॥ 28 ॥


Mirakhashaah Naoop Taje Gumaana ।

Hindoo Muslim Ek Samaana ॥


Band Karo Nity Atyaachaara ।

Tyaago Dharmaantaran Vichaara ॥


Lekin Mirakhashaah Abhimaani ।

Varunadev Ki Baat Na Maani ॥


ek Divas Ho Ashwa Savaara ।

jhulelaal Gaye Darbaara ॥ 32 ॥


Mirakhashaah Naoop Ne Aagya Di ।

Jhulelaal Banao Bandi ॥


Kiya Swarup Varun Ka Dhaaran ।

Chaaro Aur Hua Jal Plaavan ॥


Darbaari Doobe Utraaye ।

Naoop Ke Hosh Thikaane Aaye ॥


Naoop Tab Pada Charan Mein Aai ।

Jai Jai Dhany Jai Sain ॥ 36 ॥


Vaapis Liya Naoopati Aadesha ।

Door Door Sab Jan Klesha ॥


Sanvat Das Sau Bis Manjhaari ।

Bhaadr Shukl Chaudas Shubhakaari ॥


Bhakto Ki Har Aadhi Vyaadhi ।

Jal Mein Li Jaladev Samaadhi ॥


Jo Jan Dhare Aaj Bhi Dhyaana ।

Unka Varun Kare Kalyaana ॥ 40 ॥


॥ Doha ॥

Chalisa Chalis Din Path Kare Jo Koy ।

Paave Manavanchhit Phal Aru Jivan Sukhmay Hoy ॥

॥ Om Shri Varunay Namah ॥


श्री झूलेलाल चालीसा हिन्दी मे 

॥ दोहा ॥

जय जय जल देवता,

जय ज्योति स्वरूप ।

अमर उडेरो लाल जय,

झुलेलाल अनूप ॥


॥ चौपाई ॥

रतनलाल रतनाणी नंदन ।

जयति देवकी सुत जग वंदन ॥


दरियाशाह वरुण अवतारी ।

जय जय लाल साईं सुखकारी ॥


जय जय होय धर्म की भीरा ।

जिन्दा पीर हरे जन पीरा ॥


संवत दस सौ सात मंझरा ।

चैत्र शुक्ल द्वितिया भगऊ वारा ॥4॥


ग्राम नसरपुर सिंध प्रदेशा ।

प्रभु अवतरे हरे जन कलेशा ॥


सिन्धु वीर ठट्ठा राजधानी ।

मिरखशाह नऊप अति अभिमानी ॥


कपटी कुटिल क्रूर कूविचारी ।

यवन मलिन मन अत्याचारी ॥


धर्मान्तरण करे सब केरा ।

दुखी हुए जन कष्ट घनेरा ॥8॥


पिटवाया हाकिम ढिंढोरा ।

हो इस्लाम धर्म चाहुँओरा ॥


सिन्धी प्रजा बहुत घबराई ।

इष्ट देव को टेर लगाई ॥


वरुण देव पूजे बहुंभाती ।

बिन जल अन्न गए दिन राती ॥


सिन्धी तीर सब दिन चालीसा ।

घर घर ध्यान लगाये ईशा ॥12॥


गरज उठा नद सिन्धु सहसा ।

चारो और उठा नव हरषा ॥


वरुणदेव ने सुनी पुकारा ।

प्रकटे वरुण मीन असवारा ॥


दिव्य पुरुष जल ब्रह्मा स्वरुपा ।

कर पुष्तक नवरूप अनूपा ॥


हर्षित हुए सकल नर नारी ।

वरुणदेव की महिमा न्यारी ॥16॥


जय जय कार उठी चाहुँओरा ।

गई रात आने को भौंरा ॥


मिरखशाह नऊप अत्याचारी ।

नष्ट करूँगा शक्ति सारी ॥


दूर अधर्म, हरण भू भारा ।

शीघ्र नसरपुर में अवतारा ॥


रतनराय रातनाणी आँगन ।

खेलूँगा, आऊँगा शिशु बन ॥20॥


रतनराय घर ख़ुशी आई ।

झुलेलाल अवतारे सब देय बधाई ॥


घर घर मंगल गीत सुहाए ।

झुलेलाल हरन दुःख आए ॥


मिरखशाह तक चर्चा आई ।

भेजा मंत्री क्रोध अधिकाई ॥


मंत्री ने जब बाल निहारा ।

धीरज गया हृदय का सारा ॥24॥


देखि मंत्री साईं की लीला ।

अधिक विचित्र विमोहन शीला ॥


बालक धीखा युवा सेनानी ।

देखा मंत्री बुद्धि चाकरानी ॥


योद्धा रूप दिखे भगवाना ।

मंत्री हुआ विगत अभिमाना ॥


झुलेलाल दिया आदेशा ।

जा तव नऊपति कहो संदेशा ॥28॥


मिरखशाह नऊप तजे गुमाना ।

हिन्दू मुस्लिम एक समाना ॥


बंद करो नित्य अत्याचारा ।

त्यागो धर्मान्तरण विचारा ॥


लेकिन मिरखशाह अभिमानी ।

वरुणदेव की बात न मानी ॥


एक दिवस हो अश्व सवारा ।

झुलेलाल गए दरबारा ॥32॥


मिरखशाह नऊप ने आज्ञा दी ।

झुलेलाल बनाओ बन्दी ॥


किया स्वरुप वरुण का धारण ।

चारो और हुआ जल प्लावन ॥


दरबारी डूबे उतराये ।

नऊप के होश ठिकाने आये ॥


नऊप तब पड़ा चरण में आई ।

जय जय धन्य जय साईं ॥36॥


वापिस लिया नऊपति आदेशा ।

दूर दूर सब जन क्लेशा ॥


संवत दस सौ बीस मंझारी ।

भाद्र शुक्ल चौदस शुभकारी ॥


भक्तो की हर आधी व्याधि ।

जल में ली जलदेव समाधि ॥


जो जन धरे आज भी ध्याना ।

उनका वरुण करे कल्याणा ॥40॥


॥ दोहा ॥

चालीसा चालीस दिन पाठ करे जो कोय ।

पावे मनवांछित फल अरु जीवन सुखमय होय ॥

॥ ॐ श्री वरुणाय नमः ॥

Chitragupta Chalisa | चित्रगुप्त चालीसा | Hindi | English

 चित्रगुप्त चालीसा

Chitragupta Chalisa


Chitragupta Chalisa in Hindi


|| दोहा ||


सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।

ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश ।।


करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती सहाय।

चित्रगुप्त जस विमलयश, वंदन गुरूपद लाय ।।


|| चौपाई ||


जय चित्रगुप्त ज्ञान रत्नाकर । जय यमेश दिगंत उजागर ।।


अज सहाय अवतरेउ गुसांई । कीन्हेउ काज ब्रम्ह कीनाई ।।



श्रृष्टि सृजनहित अजमन जांचा । भांति-भांति के जीवन राचा ।।


अज की रचना मानव संदर । मानव मति अज होइ निरूत्तर ।।


भए प्रकट चित्रगुप्त सहाई । धर्माधर्म गुण ज्ञान कराई ।।


राचेउ धरम धरम जग मांही । धर्म अवतार लेत तुम पांही ।।



अहम विवेकइ तुमहि विधाता । निज सत्ता पा करहिं कुघाता ।।



श्रष्टि संतुलन के तुम स्वामी । त्रय देवन कर शक्ति समानी ।।


पाप मृत्यु जग में तुम लाए । भयका भूत सकल जग छाए ।।


महाकाल के तुम हो साक्षी । ब्रम्हउ मरन न जान मीनाक्षी ।।


धर्म कृष्ण तुम जग उपजायो । कर्म क्षेत्र गुण ज्ञान करायो ।।


राम धर्म हित जग पगु धारे । मानवगुण सदगुण अति प्यारे ।।


विष्णु चक्र पर तुमहि विराजें । पालन धर्म करम शुचि साजे ।।



महादेव के तुम त्रय लोचन । प्रेरकशिव अस ताण्डव नर्तन ।।



सावित्री पर कृपा निराली । विद्यानिधि माॅं सब जग आली ।।


रमा भाल पर कर अति दाया । श्रीनिधि अगम अकूत अगाया ।।


ऊमा विच शक्ति शुचि राच्यो । जाकेबिन शिव शव जग बाच्यो ।।


गुरू बृहस्पति सुर पति नाथा । जाके कर्म गहइ तव हाथा ।।


रावण कंस सकल मतवारे । तव प्रताप सब सरग सिधारे ।।


प्रथम् पूज्य गणपति महदेवा । सोउ करत तुम्हारी सेवा ।।


रिद्धि सिद्धि पाय द्वैनारी । विघ्न हरण शुभ काज संवारी ।।


व्यास चहइ रच वेद पुराना । गणपति लिपिबध हितमन ठाना ।।


पोथी मसि शुचि लेखनी दीन्हा । असवर देय जगत कृत कीन्हा ।।



लेखनि मसि सह कागद कोरा । तव प्रताप अजु जगत मझोरा ।।


विद्या विनय पराक्रम भारी । तुम आधार जगत आभारी ।।


द्वादस पूत जगत अस लाए । राशी चक्र आधार सुहाए ।।


जस पूता तस राशि रचाना । ज्योतिष केतुम जनक महाना ।।


तिथी लगन होरा दिग्दर्शन । चारि अष्ट चित्रांश सुदर्शन ।।


राशी नखत जो जातक धारे । धरम करम फल तुमहि अधारे।।


राम कृष्ण गुरूवर गृह जाई । प्रथम गुरू महिमा गुण गाई ।।


श्री गणेश तव बंदन कीना । कर्म अकर्म तुमहि आधीना ।।


देववृत जप तप वृत कीन्हा । इच्छा मृत्यु परम वर दीन्हा ।।


धर्महीन सौदास कुराजा । तप तुम्हार बैकुण्ठ विराजा ।।



हरि पद दीन्ह धर्म हरि नामा । कायथ परिजन परम पितामा ।।


शुर शुयशमा बन जामाता । क्षत्रिय विप्र सकल आदाता ।।


जय जय चित्रगुप्त गुसांई । गुरूवर गुरू पद पाय सहाई ।।


जो शत पाठ करइ चालीसा । जन्ममरण दुःख कटइ कलेसा ।।


विनय करैं कुलदीप शुवेशा । राख पिता सम नेह हमेशा ।।


|| दोहा ||


ज्ञान कलम, मसि सरस्वती, अंबर है मसिपात्र।

कालचक्र की पुस्तिका, सदा रखे दंडास्त्र।।


पाप पुन्य लेखा करन, धार्यो चित्र स्वरूप।

श्रृष्टिसंतुलन स्वामीसदा, सरग नरक कर भूप।।


।। इति श्री चित्रगुप्त चालीसा समाप्त ।।


Chitragupta Chalisa in English

Doha


Sumir Chitragupta Eesh Ko, Satat Navaoo Sheesh.

Brahma Vishnu Mahesh Sah, Riniha Bhe Jagadeesh.


Karo Krpa Karivar Vadan, Jo Sarashutee Sahaay.

Chitragupt Jas Vimalayash, Vandan Guroopad Laay


Chaupai


Ay Chitragupt Gyaan Ratnaakar, Jay Yamesh Digant Ujaagar .


Aj Sahaay Avatareu Gusaanee, Keenheu Kaaj Bramh Keenaee .


Shrrshti Srjanahit Ajaman Jaancha, Bhaanti-Bhaanti Ke Jeevan Raacha .


Aj Kee Rachana Maanav Sandar, Maanav Mati Aj Hoi Niroottar .


Bhe Prakat Chitragupt Sahaee, Dharmaadharm Gun Gyaan Karaee .


Raacheu Dharam Dharam Jag Maanhee, Dharm Avataar Let Tum Paanhee .


Aham Viveki Tumahi Vidhaata, Nij Satta Pa Karahin Kughaata .


Shrashti Santulan Ke Tum Svaamee, Tray Devan Kar Shakti Samaanee .


Paap Mrtyu Jag Mein Tum Lae, Bhayaka Bhoot Sakal Jag Chhae .


Mahaakaal Ke Tum Ho Saakshee, Bramhu Maran Na Jaan Meenaakshee .


Dharm Krshn Tum Jag Upajaayo, Karm Kshetr Gun Gyaan Karaayo .


Raam Dharm Hit Jag Pagu Dhaare, Maanavagun Sadagun Ati Pyaare .


Vishnu Chakr Par Tumahi Viraajen, Paalan Dharm Karam Shuchi Saaje .


Mahaadev Ke Tum Tray Lochan, Prerakashiv As Taandav Nartan .


Saavitree Par Krpa Niraalee, Vidyaanidhi Maaain Sab Jag Aalee .


Rama Bhaal Par Kar Ati Daaya, Shreenidhi Agam Akoot Agaaya .


Ooma Vich Shakti Shuchi Raachyo, Jaakebin Shiv Shav Jag Baachyo .


Guroo Brhaspati Sur Pati Naatha, Jaake Karm Gahi Tav Haatha .


Raavan Kans Sakal Matavaare, Tav Prataap Sab Sarag Sidhaare .


Pratham Poojy Ganapati Mahadeva, Sou Karat Tumhaaree Seva .


Riddhi Siddhi Paay Dvainaaree, Vighn Haran Shubh Kaaj Sanvaaree .


Vyaas Chahi Rach Ved Puraana, Ganapati Lipibadh Hitaman Thaana .


Pothee Masi Shuchi Lekhanee Deenha, Asavar Dey Jagat Krt Keenha .


Lekhani Masi Sah Kaagad Kora, Tav Prataap Aju Jagat Majhora .


Vidya Vinay Paraakram Bhaaree, Tum Aadhaar Jagat Aabhaaree .


Dvaadas Poot Jagat As Lae, Raashee Chakr Aadhaar Suhae .


Jas Poota Tas Raashi Rachaana, Jyotish Ketum Janak Mahaana .


Tithee Lagan Hora Digdarshan, Chaari Asht Chitraansh Sudarshan .


Raashee Nakhat Jo Jaatak Dhaare, Dharam Karam Phal Tumahi Adhaare.


Raam Krshn Guroovar Grh Jaee, Pratham Guroo Mahima Gun Gaee .


Shree Ganesh Tav Bandan Keena, Karm Akarm Tumahi Aadheena .


Devavrt Jap Tap Vrt Keenha, Ichchha Mrtyu Param Var Deenha .


Dharmaheen Saudaas Kuraaja, Tap Tumhaar Baikunth Viraaja .


Hari Pad Deenh Dharm Hari Naama, Kaayath Parijan Param Pitaama .


Shur Shuyashama Ban Jaamaata, Kshatriy Vipr Sakal Aadaata .


Jay Jay Chitragupt Gusaanee, Guroovar Guroo Pad Paay Sahaee .


Jo Shat Paath Kari Chaaleesa, Janmamaran Duhkh Kati Kalesa .


Vinay Karain Kuladeep Shuvesha, Raakh Pita Sam Neh Hamesha .


Doha


Gyaan Kalam, Masi Sarasvatee, Ambar Hai Masipaatr.

Kaalachakr Kee Pustika, Sada Rakhe Dandaastr.


Paap Puny Lekha Karan, Dhaaryo Chitr Svaroop.

Shrrshtisantulan Svaameesada, Sarag Narak Kar Bhoop.


।। Iti Shree Chitragupta Chalisa Samaapt ।।

Durga Chalisa | दुर्गा चालीसा हिंदी और English में

 दुर्गा चालीसा

Durga Chalisa


नमो नमो दुर्गे सुख करनी।

नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥



 

निरंकार है ज्योति तुम्हारी।

तिहूं लोक फैली उजियारी॥


शशि ललाट मुख महाविशाला।

नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥


रूप मातु को अधिक सुहावे।

दरश करत जन अति सुख पावे॥


तुम संसार शक्ति लै कीना।

पालन हेतु अन्न धन दीना॥


अन्नपूर्णा हुई जग पाला।

तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥


प्रलयकाल सब नाशन हारी।

तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥


शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।

ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥


रूप सरस्वती को तुम धारा।

दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥


धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।

परगट भई फाड़कर खम्बा॥


रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।

हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥


लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।

श्री नारायण अंग समाहीं॥


क्षीरसिन्धु में करत विलासा।

दयासिन्धु दीजै मन आसा॥


हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।

महिमा अमित न जात बखानी॥



 

मातंगी अरु धूमावति माता।

भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥


श्री भैरव तारा जग तारिणी।

छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥


केहरि वाहन सोह भवानी।

लांगुर वीर चलत अगवानी॥


कर में खप्पर खड्ग विराजै।

जाको देख काल डर भाजै॥


सोहै अस्त्र और त्रिशूला।

जाते उठत शत्रु हिय शूला॥


नगरकोट में तुम्हीं विराजत।

तिहुंलोक में डंका बाजत॥


शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।

रक्तबीज शंखन संहारे॥


महिषासुर नृप अति अभिमानी।

जेहि अघ भार मही अकुलानी॥


रूप कराल कालिका धारा।

सेन सहित तुम तिहि संहारा॥


परी गाढ़ संतन पर जब जब।

भई सहाय मातु तुम तब तब॥


अमरपुरी अरु बासव लोका।

तब महिमा सब रहें अशोका॥


ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।

तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥


प्रेम भक्ति से जो यश गावें।

दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥



 

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।

जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥


जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।

योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥


शंकर आचारज तप कीनो।

काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥


निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।

काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥


शक्ति रूप का मरम न पायो।

शक्ति गई तब मन पछितायो॥


शरणागत हुई कीर्ति बखानी।

जय जय जय जगदम्ब भवानी॥


भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।

दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥


मोको मातु कष्ट अति घेरो।

तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥


आशा तृष्णा निपट सतावें।

रिपू मुरख मौही डरपावे॥


शत्रु नाश कीजै महारानी।

सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥


करो कृपा हे मातु दयाला।

ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला॥



 

जब लगि जिऊं दया फल पाऊं ।

तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥


दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।

सब सुख भोग परमपद पावै॥


देवीदास शरण निज जानी।

करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥


॥ इति श्री दुर्गा चालीसा सम्पूर्ण ॥


Durga Chalisa In English

Namo Namo Durge Sukh Karani,

Namo Namo Ambe Dukh Harani.


Nirankar Hai Jyoti Tumhari,

Tihun Lok Pheli Ujayari.



 

Shashi Lalat Mukh Maha Vishala,

Netra Lal Brikuti Vikrala.


Roop Matu Ko Adhika Suhave,

Daras Karat Jan Ati Sukh Pave.


Tum Sansar Shakti Laya Kina,

Palan Hetu Anna Dhan Dina.


Annapurna Hui Jag Pala,

Tumhi Adi Sundari Bala.


Pralaya Kal Sab Nashan Hari,

Tum Gauri Shiv Shankar Pyari.


Shiv Yogi Tumhare Gun Gave,

Brahma Vishnu Tumhe Nit Dhyaven.



 

Roop Saraswati Ko Tum Dhara,

De Subudhi Rishi Munin Ubara.


Dharyo Roop Narsimha Ko Amba,

Pragat Bhayin Phar Kar Kamba.


Raksha Kari Prahalad Bachayo,

Hiranakush Ko Swarg Pathayo.


Lakshmii Roop Dharo Jag Mahi,

Shree Narayan Ang Samahi.


Ksheree Sindhu Karat Vilasa,

Daya Sindhu Deejay Man Aasa.


Hingalaj Mein Tumhi Bhavani,

Mahima Amit Na Jaat Bakhani.



 

Matangi Dhoomavati Mata,

Bhuvneshwari Bagala Sukhdata.


Shree Bairav Tara Jog Tarani,

Chin-Na Bhala Bhav Dukh Nivarani.


Kehari Vahan Soh Bhavani,

Langur Veer Chalat Agavani.


Kar Men Khappar Khadag Viraje,

Jako Dekh Kal Dar Bhaje.


Sohe Astra Aur Trishoola,

Jase Uthata Shatru Hiya Shoola.


Nagarkot Mein Tumhi Virajat,

Tihun Lok Mein Danka Bajat.


Shumbhu Nishumbhu Danuja Tum Mare,

Rakta-Beeja Shankhan Samhare.


Mahishasur Nripa Ati Abhimani,

Jehi Agha Bhar Mahi Akulani.


Roop Kaaral Kalika Dhara,

Sen Sahita Tum Tin Samhara.


Pari Garha Santan Par Jab Jab,

Bhayi Sahaya Matu Tum Tab Tab.


Amarpuri Aru Basava Loka,

Tava Mahima Sab Rahen Asoka.


Jwala Mein Hai Jyoti Tumhari,

Tumhen Sada Pujan Nar Nari.


Prem Bhakti Se Jo Yash Gaye,

Dukh-Daridra Nikat Nahin Ave.


Dhyave Tumhen Jo Nar Man Laee,

Janam-Maran Tako Chuti Jaee.


Jogi Sur-Muni Kahat Pukari,

Jog Na Ho Bin Shakti Tumhari.


Shankar Aacharaj Tap Keenhon,

Kam, Krodh Jeet Sab Leenhon.


Nisidhin Dhyan Dharo Shanker Ko,

Kahu Kal Nahin Sumiron Tum Ko.


Shakti Roop Ko Maram Na Payo,

Shakti Gayi Tab Man Pachitayo.


Sharnagat Hui Keerti Bakhani,

Jai Jai Jai Jagdamb Bhavani.


Bhayi Prasanna Aadi Jagdamba,

Dayi Shakti Nahin Keen Vilamba.


Mokun Matu Kashta Ati Ghero,

Tum Bin Kaun Hare Dukh Mero.


Asha Trishna Nipat Sataven,

Moh Madadik Sab Binsaven.


Shatru Nash Keeje Maharani,

Sumiron Ekachita Tumhen Bhavani.


Karo Kripa Hey Matu Dayala,

Riddhi-Siddhi De Karahu Nihala.


Jab Lagi Jiyoon Daya Phal Paoon,

Tumro Yash Mein Sada Sunaoon.


Durga Chalisa Jo Gaye,

Sab Sukh Bhog Parampad Pave.


Devidas Sharan Nij Jani,

Karahu Kripa Jagdamb Bhavani.


॥ Iti Shree Durga Chalisa Sampoorn ॥